अध्याय 3
हेइडी ने संकोच से मुस्कुरा दिया। “ये सब मिस्टर विंडसर की राहनुमाई की बदौलत हुआ। मैं खुद आपको एक जाम पेश करना चाहती हूँ, मिस्टर विंडसर।”
वह शर्माते हुए आर्थर के लिए ड्रिंक उड़ेलने लगी। मेज़ के चारों ओर से “चीअर्स!” की आवाज़ें उठ पड़ीं।
आर्थर को शायद याद भी नहीं था कि यही वह रेस्तराँ था जहाँ उसकी और कैरोलिन की पहली मुलाक़ात हुई थी। जिस इंसान के नाम का जाम उठता था, जिस पर जश्न मनाया जाता था—वह अब कैरोलिन नहीं, कोई और था।
कैरोलिन ने चुपचाप वाइन का एक घूँट लिया। वह इतनी कड़वी लगी कि उसके चेहरे पर कसैला-सा दर्द उभर आया।
टैरी यह देखकर कैरोलिन को वहाँ से खींच ले जाने ही वाली थी कि तभी एक जरूरत से ज़्यादा सजी-धजी औरत सामने आ गई।
“आप यहाँ क्या कर रही हैं?”
वह आर्थर की असिस्टेंट, डॉली रीड थी। कंपनी में बहुत कम लोग कैरोलिन की पहचान जानते थे, लेकिन डॉली उनमें से एक थी।
“मिस हैमिल्टन, आपका यहाँ होना… कुछ ज़्यादा ही गैर-मुनासिब लग रहा है।”
“हालाँकि मुझे नहीं पता आप तक इसकी खबर कैसे पहुँची, लेकिन मिस्टर विंडसर ने कहा है कि आज का सेलिब्रेशन ख़ास तौर पर मिस व्हाइट के लिए है, और हम नहीं चाहते कि ‘कुछ लोग’ जानबूझकर इसमें खलल डालें… तो आप समझ ही रही हैं।”
उसकी बातों में तिरस्कार टपक रहा था। टैरी ग़ुस्से से तमतमा उठी—लग रहा था अभी डॉली पर हाथ उठा देगी—लेकिन कैरोलिन ने उसे रोक लिया।
“कोई फ़ायदा नहीं।”
कैरोलिन टैरी को लेकर बाहर की तरफ़ बढ़ी और जाते-जाते बस इतना कहा, “उसे बताने की ज़रूरत नहीं कि मैं यहाँ थी।”
“टैरी, अगर वो जवाब नहीं देता, तो सीधे क़ानूनी नोटिस भेज देते हैं।”
रेस्तराँ खाली कराने में कुछ वक्त लगा। ज़्यादा पीने से बचने के लिए आर्थर नीचे आ गया और डॉली से पूछा कि काम कहाँ तक पहुँचा।
डॉली ने सिर झुकाकर कहा, “बस लगभग हो ही गया है, मिस्टर विंडसर। फ़िक्र मत कीजिए।”
“ठीक है,” आर्थर ने ठंडे स्वर में कहा। “तुम पहले ऊपर चली जाओ।”
उसने जेब से सिगरेट निकाली और बिना जलाए होंठों के बीच दबा ली। बच्चों के पैदा होने के बाद से उसने कभी अकेले में सिगरेट नहीं पी थी।
आँखें सिकोड़कर वह रेस्तराँ के घूमने वाले दरवाज़े की तरफ़ देखने लगा। उसी वक़्त उसे एक पतली-सी परछाईं बाहर जाती दिखी।
कैरोलिन गाड़ी चलाकर अपने अपार्टमेंट लौट आई।
अंदर कदम रखते ही उसका फ़ोन बज उठा। कॉल आर्थर की बहन, एल्सी विंडसर की थी।
“कैरोलिन, मैंने सुना तुम सॉवरेन सिटी वापस आ गई हो। कैसी हो?”
कैरोलिन तय नहीं कर पा रही थी कि उसका शरीर ज़्यादा थका है या दिल। थोड़ी देर रुककर उसने कहा, “एल्सी, बहुत दिनों बाद… मैं ठीक हूँ।”
वह अभी विंडसर परिवार में किसी को भी अपनी बीमारी के बारे में बताने के लिए तैयार नहीं थी।
दूसरी तरफ़ से आवाज़ में सच्ची चिंता झलक रही थी। “कैरोलिन, तुम्हें याद है दो दिन बाद कौन-सा दिन है? दादाजी ने ख़ास तौर पर कहा है कि तुम्हें और मेरे भाई को देखना है।”
हर साल गर्मियों के आख़िरी दिनों में आर्थर के दादाजी, आइज़ैक विंडसर, अपना जन्मदिन पूरे परिवार के साथ मनाते थे।
हाल के दिनों में लगातार लगते झटकों के बीच कैरोलिन लगभग यह सब भूल ही गई थी—अगर एल्सी याद न दिलाती तो।
“ठीक है, समझ गई।”
विंडसर परिवार में शादी के बाद जिन गिने-चुने लोगों ने कैरोलिन से ढंग से पेश आना जारी रखा था, एल्सी उनमें से थी।
कैरोलिन का पहला मन तो मना करने का हुआ। अब जब वह आर्थर से तलाक़ ले रही थी, तो वह उससे और विंडसर परिवार से सारे रिश्ते काट देना चाहती थी।
लेकिन आइज़ैक ने ख़ास तौर पर उसे बुलाया था, तो मना करना आसान नहीं था। शायद यह बरसों पहले जो हुआ था, उसे सामने रखने का भी अच्छा मौका हो सकता था।
कैरोलिन लेटकर आराम ही करने वाली थी कि आधी-नींद में एक और कॉल आ गई। उसने कॉलर आईडी देखे बिना उठा लिया।
“हैलो, मम्मी!” लैला की मीठी, बच्चों जैसी आवाज़ कानों में पड़ी।
कैरोलिन की झपकी एकदम उड़ गई। पलभर चुप रहकर उसने सपाट आवाज़ में पूछा, “क्या बात है?”
“मम्मी, आजकल आप—”
लैला वाक्य पूरा कर पाती, उससे पहले ही शायद लोगन ने उसे टोक दिया। “लैला, सीधे मुद्दे पर आओ।”
लैला ने मुँह बनाया। “मम्मी, क्या आप आज रात हमें लेने आ सकती हैं? दादाजी के घर डिनर है।”
कैरोलिन उसकी उम्मीदभरी छोटी-सी शक्ल का अंदाज़ा लगा सकती थी।
पहले तो वे पूछते भी नहीं थे—कैरोलिन खुद ही उन्हें लेने पहुँच जाती थी। अब न तो उसका मन था, न ही उसमें ताक़त। उस दिन बच्चों का हेइडी के आसपास खुशी-खुशी खेलना उसके दिल में चुभ गया था।
कैरोलिन ने करवट बदली, चादर अपने ऊपर खींच ली और आँखों पर हाथ रख लिया। “आज रात तुम्हारे डैडी तुम्हें ले जाएँ। मैं आज बहुत थकी हूँ।”
शायद ज़िंदगी में यह उसके गिने-चुने इनकारों में से एक था—और यक़ीनन उनकी माँ की तरफ़ से पहला। लैला के दिल में अचानक एक हल्की-सी टीस उठी। मम्मी तो हमेशा उनकी हर बात मान लेती थी।
वह कुछ और कहने ही वाली थी कि लॉगन ने घड़ी-जैसे फोन को झपट लिया और बोला, “मॉमी, आप कितनी गैर-ज़िम्मेदार हो। मिस व्हाइट तो कभी ऐसी नहीं होतीं।”
यह बात उसे चिढ़ाने के लिए काफ़ी थी—फिर वह ज़रूर आ जाती।
लॉगन के इल्ज़ाम के सामने कैरोलिन बस हल्का-सा हँस दी। जिन जुड़वाँ बच्चों को जन्म देते-देते उसकी जान पर बन आई थी, वही अब किसी और को अपनी माँ बनाना चाहते थे।
“तो फिर जाओ, उसी से कहो तुम्हें लेने आ जाए,” कहकर उसने कॉल काट दी।
कैरोलिन अपने बच्चों से प्यार पूरी तरह रोक नहीं सकती थी, मगर बरसों की लगन के बदले कुछ भी अच्छा न मिलने के बाद अब वह उनके स्नेह के पीछे भागने वाली नहीं थी।
विंडसर मैनर पर शाम का अँधेरा उतरने लगा था, और उसकी पुरानी शाही बनावट में इतिहास की गूँज थी।
जैसे ही कैरोलिन कार से उतरी, उसने फर्श से छत तक की बड़ी-बड़ी खिड़कियों से चिपके दो नन्हे-से साये देखे।
लॉगन ने उसे देखा, मुँह बनाया और दौड़कर कहीं चला गया। लैला दौड़कर उसे जकड़ते हुए लिपट गई, अपने फूले-फूले बालों वाला सिर उठाकर बोली, “मॉमी!”
कैरोलिन ने हल्के से उसे गले लगाया और फिर नरमी से उसे अलग कर दिया।
मुख्य ड्रॉइंग-रूम में कदम रखते ही माहौल जैसे कस गया।
आर्थर के बड़े भाई और भाभी सोफ़े के दोनों सिरों पर बैठे थे। आदमी में आर्थर की हल्की-सी झलक थी, मगर वह ज़्यादा परिपक्व और ठहरा हुआ दिखता था। कैरोलिन के आते ही वह उठकर अभिवादन करने लगा।
उसकी भाभी चमकीले, ग्लैमरस कपड़ों में, रौबदार अंदाज़ लिए बैठी थी—और कैरोलिन के आने को जैसे उसने देखा ही नहीं। “घर बैठी माँ” वाली भूमिका में कैरोलिन को वह कभी स्वीकार नहीं कर पाई थी।
“कैरोलिन, तुम किस काम में इतनी व्यस्त रहती हो कि बच्चों को विंडसर मैनर तक लाने का भी समय नहीं निकाल पातीं?” कमरे के सिरहाने वाली कुर्सी पर बैठीं आर्थर की माँ, टिफ़नी विंडसर ने ठंडी आवाज़ में कहा। उनकी हुकूमत पर कोई सवाल नहीं था। “तुम माँ हो। जो तुम्हें करना चाहिए, वही करो।”
कैरोलिन समझ गई—टिफ़नी उसे उनके समझौते की याद दिला रही थीं।
जब टिफ़नी ने कैरोलिन और आर्थर की शादी के लिए हामी भरी थी, तो एक शर्त यह थी कि कैरोलिन अपना करियर पूरी तरह छोड़ देगी और बच्चों की परवरिश पर ही ध्यान देगी।
तब एक नामी विदेशी मेडिकल स्कूल ने उसे ट्रेनिंग की जगह ऑफ़र की थी, जिसे उसने मजबूरी में ठुकराकर आर्थर से शादी कर ली थी। वही जगह बाद में हाइडी को मिल गई थी।
पाँच साल बाद कैरोलिन एक पूर्णकालिक माँ बन चुकी थी—पति और बच्चों की देखभाल में लगी हुई।
सास, ननदें और देवर उसे नापसंद करते थे, पति उससे दूर रहता था, और हाइडी विजयी अंदाज़ में लौट आई थी—सीधे आर्थर की पर्सनल सेक्रेटरी बनकर, सिर ऊँचा किए।
एक फैसले ने पूरी दुनिया बदल दी थी।
कैरोलिन ने सफ़ाई देने को मुँह खोला, फिर लगा—इसका कोई फ़ायदा नहीं। “मैं समझ गई।”
आज वह इसहाक से तलाक़ पर बात करने आई थी। आगे कोई सफ़ाई देने की ज़रूरत नहीं थी। वह एक खाली जगह पर बैठ गई और चुपचाप खाना खाने लगी।
इसहाक की बीमारी के चलते उसे बिस्तर पर आराम करना पड़ता था, इसलिए आज बैठकर साथ में खाना नहीं हुआ; कैरोलिन की उससे मुलाक़ात भी नहीं हुई।
आर्थर कंपनी के काम में व्यस्त था, वह आधी रात के बाद ही पहुँचा। कैरोलिन नीचे उतर रही थी कि दरवाज़े से अंदर आते हुए उसकी उससे टक्कर हो गई। दोनों की नज़रें एक पल को मिलीं—पर किसी ने कुछ नहीं कहा।
कैरोलिन ने फ़ौरन नज़र हटा ली। यहाँ वह सबसे कम आर्थर को ही देखना चाहती थी। वह हमेशा उसके प्रति ठंडा रहा था।
तलाक़ के काग़ज़ छोड़ देने के बाद भी आर्थर ने उससे एक सवाल तक नहीं पूछा। उलटा, वह उसके पास से गुज़रकर विंडसर परिवार से औपचारिक बातें करने लगा।
एल्सी ने यह सब देखा और कैरोलिन के हाथ पर थपकी दी। “जाकर आराम करो, कैरोलिन। पति-पत्नी अकेले में बैठकर बातें सुलझा लेते हैं।”
मगर कैरोलिन अब आर्थर को कुछ भी समझाना नहीं चाहती थी।
सालों में उसने उसके दिल को पिघलाने की हर कोशिश कर ली थी—सब बेकार। आर्थर के लिए जो भी गर्माहट थी, वह सब उसने खर्च कर दी थी; अब उसमें उसे और गर्म करने की ताक़त नहीं बची थी।
आज वह सिर्फ़ इसीलिए आई थी कि तलाक़ पर बात कर सके।
एल्सी से कुछ देर बात करने के बाद कैरोलिन कमरे में लौटी, तो बाथरूम में आर्थर की फोन पर बात सुनाई दी।
काँच के दरवाज़े के पार उसकी गहरी आवाज़ दबकर भी भारी और खरखरी लगी, “ठीक है, कल मैं तुम्हारे साथ चलूँगा।”
वह लहजा—धैर्य भरा—जो उसने कभी कैरोलिन से बात करते हुए नहीं अपनाया था। सामने कौन था, यह उसे अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ी।
कैरोलिन ने बेडरूम का दरवाज़ा खटखटाया।
“तुम आज रात यहीं सो जाओ। मैं स्टडी में चला जाता हूँ।”
आर्थर ने फोन रख दिया और बेरुख़ी से उसकी तरफ़ देखा। “ज़रूरत नहीं।”
